Tuesday, June 23, 2009

नमकीन लस्सी सामग्री : 250 ग्राम दही, 1 टी स्पून भुना पिसा जीरा, आधा टी स्पून काला नमक, आधा टी स्पून पिसी कालीमिर्च, 1 टी स्पून सूखा पुदीना, 1 टेबल स्पून शक्कर, बर्फ (अंदाज से)। विधि : दही में सभी सामग्री मिलाकर अच्छी तरह फेंटिए। इसे गिलासों में भरें। तैयार है नमकीन लस्सी। इसे ठंडा-ठंडा सर्व करें।

Monday, June 8, 2009

अगस्त सन् 2009

1 अगस्त: पवित्रा (पुत्रदा) एकादशी, झूलनयात्रा प्रारम्भ, लालजी चालीहो (सिन्धी), कमला एकादशी (जम्मू-कश्मीर), लोकमान्य तिलक स्मृति दिवस

2 अगस्त: पवित्रा द्वादशी (पवित्रा बारस), श्रीधर द्वादशी, श्यामबाबा द्वादशी- ज्योति, लालजी एकतालीहो (सिन्धी), श्रावण द्वादशी (जम्मू-कश्मीर)

3 अगस्त: श्रावण का अन्तिम सोमवार व्रत, प्रदोष व्रत, आखेटक त्रयोदशी (उडीसा), श्रीमहाकाल की सवारी (उज्जैन)

4 अगस्त: भौम व्रत, मंगलागौरी-पूजा, शिव-पवित्रार्पण, सूण माण्डणा, पाक्षिक प्रतिक्रमण (श्वेत. जैन)

5 अगस्त: स्नान-दान-व्रत की श्रावणी पूर्णिमा, रक्षाबंधन (राखी) सायं 5.11 के बाद (भद्रा के उपरान्त) शास्त्रोचित, पूर्णिमा व्रत, कोकिला व्रत पूर्ण, नारयली पूर्णिमा, लव-कुश जयंती, हयग्रीवावतार जयंती, गायत्री जयंती, श्रीदाऊजी-रेवती माता का श्रृंगार (ब्रज), झूलनयात्रा पूर्ण, संस्कृत दिवस, सत्यनारायण पूजा-कथा, शुक्ल-कृष्ण यजुर्वेदी तथा अथर्ववेदी उपाकर्म, मांद्य चन्द्रग्रहण

6 अगस्त: स्नान-दान की पूर्णिमा, ऋग्वेदी उपाकर्म, बृहस्पति-पूजन, कजलियां (मध्यप्रदेश), षोडशकारण व्रत प्रारंभ (दिग. जैन)

7 अगस्त: भाद्रपद में दही त्यागें, अशून्य शयन व्रत, शब-ए-बारात (मुस.)

8 अगस्त: कज्जली के निमित्त रात्रि-जागरण, विंध्याचली भीमचण्डी जयंती

9 अगस्त: कज्जली (कजरी) तीज, टीजडी (सिन्धी), सातूडी तीज, विशालाक्षी दर्शन-यात्रा (काशी), संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत, बहुला चतुर्थी 10 अगस्त: श्रीमहाकाल की सवारी (उज्जैन), श्रमण तप पूर्ण (जैन)

11 अगस्त: रक्षापंचमी, भाई-बहिना (खत्री), कोकिला पंचमी (जैन), चन्द्रषष्ठी व्रत, चंदनषष्ठी (कश्मीर), खुदीराम बोस शहीद दिवस, अक्षयनिधि तप प्रा. (श्वेत.जैन), व्यतिपात महापात रात्रि 1.03 से

12 अगस्त: हलषष्ठी (ललही छठ) व्रत, बलराम जयंती, पक्षधर (श्वेत.जैन), व्यतिपात महापात प्रात: 5.52 तक

13 अगस्त: शीतला सप्तमी, ठंडरी का पूजन और बसौडा, वदी थधिडी (सिन्धी), कालाष्टमी, श्रीकृष्णावतार अष्टमी व्रत (स्मार्तो का), आद्या काली जयंती, संत ज्ञानेश्वर जयंती महोत्सव (महाराष्ट्र), मोहरात्रि

14 अगस्त: श्रीकृष्ण-जन्माष्टमी व्रतोत्सव (वैष्णवों का), गोकुलाष्टमी (ब्रज)

15 अगस्त: नन्दोत्सव (दधि-कांदौं), गोगानवमी, श्रील प्रभुपाद- आविर्भावोत्सव (इस्कान), भारतीय स्वतंत्रता दिवस, महर्षि अरविंद जयंती

16 अगस्त: अजा (जया) एकादशी व्रत (स्मार्तो का), जैन पर्युषण पर्व प्रारम्भ (चतुर्थी पक्ष), सूर्य की सिंह-संक्रान्ति रात्रि 11.30 बजे, पुण्यकाल सायं 5.06 से सूर्यास्त तक, गंगा में स्नान-दान, मनसा पूजा समाप्त (बंगाल), सिंहादि (केरल), श्रीरामकृष्ण परमहंस स्मृति दिवस, Gatha Gahambar (Parsi)

17 अगस्त: अजा (जया) एकादशी व्रत (वैष्णवों का), जैन पर्युषण पर्व प्रारम्भ (पंचमी पक्ष), गोवत्स द्वादशी (बछबारस), श्रीमहाकाल की शाही सवारी (उज्जैन), जयाचार्य निर्वाण दिवस (जैन)

18 अगस्त: भौम-प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि व्रत, कलियुगादि तिथि

19 अगस्त: अघोर चतुर्दशी, पाक्षिक प्रतिक्रमण (श्वेत. जैन), Pateti-Parsi 1379 New Year Day

20 अगस्त: स्नान-दान-श्राद्ध की भाद्रपदी अमावस्या, कुशोत्पाटिनी (कुशग्रहणी) अमावस, पिठौरी अमावस्या, सती-पूजा (मारवाड), लोहार्गल-यात्रा (माहेश्वरी), वृषभोत्सव (पोला), कुशामावसी (जम्मू-कश्मीर), 24 अगस्त तक लब्धिविधान व्रत (दिग. जैन), कल्पसूत्र वाचन (श्वेत. जैन)

21 अगस्त: नवीन चन्द्र-दर्शन, रुद्र व्रत, नक्तव्रत पूर्ण, तेलाधरतप (श्वेत. जैन), मौनव्रत प्रारम्भ एवं महावीर जन्म वाचन (जैन)

22 अगस्त: वाराहावतार जयंती, श्रीरामदेवपीर नवरात्र प्रा., रमजान-रोजा शुरू

23 अगस्त: हरितालिका तीज, रोट/त्रिलोक तीज (दिग. जैन), सिद्धिविनायक चतुर्थी व्रत, श्रीगणेशोत्सव प्रारम्भ, सामवेदी उपाकर्म, संवत्सरी (चतुर्थी पक्ष-जैन), सूर्य सायन कन्या राशि में प्रात: 5.10 बजे- सौर शरद् ऋतु प्रारम्भ, वैधृति महापात रात्रि 10.54 से देर रात 3.10 तक

24 अगस्त: ऋषि पंचमी, वाराह पंचमी (जम्मू-कश्मीर), गुरु पंचमी (उडीसा), संवत्सरी (पंचमी पक्ष-जैन), पर्युषण पर्व (दशलक्षण व्रत) प्रारम्भ- दिगम्बर जैन, Khordad Sal (Parsi)

25 अगस्त: सूर्यषष्ठी व्रत, लोलार्क षष्ठी (काशी), बलदेव छठ (ब्रज), स्कन्द (कुमार) षष्ठी व्रत, चंदनषष्ठी (जैन), 29 अगस्त तक पुष्पांजलि व्रत (दिग.जैन), कालू निर्वाण दिवस (जैन)

26 अगस्त: मुक्ताभरण सप्तमी व्रत, संतान सप्तमी व्रत, ललिता सप्तमी (बंगाल,उडीसा), निर्दोष सप्तमी (जैन), अवधूत भगवान राम जयंती (काशी)

27 अगस्त: श्रीदुर्गाष्टमी, श्रीअन्नपूर्णाष्टमी व्रत, श्रीराधाष्टमी व्रतोत्सव, स्वामी हरिदास जयंती (वृंदावन), दूर्वाष्टमी व्रत,16 दिन का महालक्ष्मी व्रत-लक्ष्मीकुण्ड में स्नान प्रारंभ (काशी), सगिणा बधणु (सिन्धी), अनुराधा में ज्येष्ठागौरी का आवाहन, गंगाष्टमी, शारदाष्टमी, लल्लेश्वरी जयंती (कश्मीर), नि:शल्य अष्टमी (दिग. जैन), मदर टेरेसा जयन्ती, दुबडी आठें, (श्वेत. जैन)

28 अगस्त: श्रीराधाष्टमी व्रत (महाभागवतों का), ज्येष्ठा में ज्येष्ठागौरी की पूजा, श्रीचंद्रनवमी, अदुख नवमी, आचार्य तुलसी पट्टारोहण दिवस (जैन)

29 अगस्त: श्रीमद्भागवत सप्ताह प्रारंभ, मूल में ज्येष्ठागौरी का विसर्जन, नन्दा नवमी, अवनीमूलम् (दक्षिण भारत)

30 अगस्त: दशावतार दशमी व्रत, सुगन्ध-धूप दशमी (जैन), तेजा दशमी, महारविवार व्रत, श्रीरामदेवपीर नवरात्र-मेला पूर्ण (राजस्थान)

31 अगस्त: पद्मा एकादशी व्रत, पा‌र्श्व-परिवर्तनी एकादशी, जलझूलनी एकादशी, कर्मा-धर्मा एकादशी (बिहार-झारखण्ड), दोल ग्यारस (मध्यप्रदेश)

जुलाई सन् 2009

1 जुलाई: आशादशमी, गिरिजा पूजा, सोपपदा दशमी

2 जुलाई: पुनर्यात्रा-उल्टा रथ (पुरी), सौराठ-ससौला वैवाहिक सभा समाप्त (मिथिलांचल), वैधृति महापात रात्रि 12.01 से

3 जुलाई: श्रीहरि (देव) शयनी एकादशी व्रत, श्रीविष्णु-शयनोत्सव, रविनारायण एकादशी (उडीसा), वैधृति महापात प्रात: 8.12 तक

4 जुलाई: चातुर्मास व्रत-नियम प्रारम्भ, शनि-प्रदोष व्रत (पुत्रार्थियों के लिए), वामन पूजा, वासुदेव द्वादशी, श्यामबाबा द्वादशी-ज्योति, हार द्वादशी (जम्मू-कश्मीर), स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि

5 जुलाई: मंगलातेरस (जैन), जयापार्वती व्रत प्रारम्भ, शिव-शयनोत्सव (सायंकालीन चतुर्दशी में), रवि व्रत (दिग. जैन)

6 जुलाई: पूर्णिमा व्रत, सत्यनारायण पूजा-कथा, कोकिला व्रत प्रारम्भ, मेला ज्वालामुखी (कश्मीर), साईबाबा उत्सव प्रारम्भ (शिरडी), चौमासी चौदस (जैन), चातुर्मासिक प्रतिक्रमण (श्वेत. जैन), डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती

7 जुलाई: स्नान-दान की 'पूर्वाषाढा' नक्षत्रयुता आषाढी पूर्णिमा, गुरुपूर्णिमा, व्यास पूजा, मुडिया पूनम-श्रील सनातन गोस्वामी का तिरोभावोत्सव (ब्रज), गोवर्धन-परिक्रमा, संन्यासियों का चातुर्मास प्रारम्भ, दक्षिणामूर्ति-पूजन, मैथिल साल 1417 शुरू, हजरत अली जन्मदिवस, तेरापंथ स्थापना दिवस (जैन)

8 जुलाई: सावन में शाक (साग) को त्यागें, हिंडोला प्रारंभ, अशून्य शयन व्रत, साईबाबा उत्सव पूर्ण (शिरडी), वीर शासन जयंती (दिग. जैन)

9 जुलाई: जयापार्वती व्रत का रात्रि-जागरण, कांवड-धारण मुहू‌र्त्त

10 जुलाई: अवतार मेहेरबाबा महामौन पर्व, स्वर्णगौरी व्रत

11 जुलाई: संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत, जनगणना दिवस

12 जुलाई: नागपंचमी (राजस्थान, बंगाल, मिथिलांचल), मौना पंचमी, मनसादेवी उत्थापन-पूजन एवं मधुश्रावणी पूजा प्रारम्भ, कोकिला पंचमी (जैन), कांवड-धारण मुहू‌र्त्त, दोढ मासीघर (श्वेत. जैन), रवि व्रत (दिग. जैन)

13 जुलाई: श्रावण का प्रथम सोमवार व्रत, श्रीमहाकाल की सवारी (उज्जैन)

14 जुलाई: श्रावण के प्रत्येक मंगलवार को भौम व्रत, काशी में मंगलागौरी-पूजन तथा दुर्गा देवी एवं संकटमोचन हनुमान का दर्शन, शीतला सप्तमी (कश्मीर, उडीसा), कांवड-धारण मुहू‌र्त्त

15 जुलाई: कालाष्टमी, बुधाष्टमी पर्व (सूर्यग्रहणतुल्य)

16 जुलाई: सूर्य की कर्क-संक्रान्ति दोपहर 3.08 बजे, सूर्योदय से प्रात: 8.44 बजे तक सामान्य पुण्यकाल एतत्पचश्चात् विशेष पुण्यकाल अपराह्न 3.08 बजे तक, सूर्य दक्षिणायन, संकल्प में प्रयोजनीय वर्षा ऋतु प्रारम्भ, मनसादेवी पूजा शुरू (बंगाल), व्यतिपात महापात देर रात 3.24 से

17 जुलाई: करिदिन, व्यतिपात महापात प्रात: 9.31

18 जुलाई: कामिका एकादशी व्रत, कमला एकादशी (जम्मू-कश्मीर), रोहिणी व्रत, कांवड-धारण मुहू‌र्त्त

19 जुलाई: प्रदोष व्रत, रविव्रत (दिग. जैन), एकादशी व्रत (निम्बार्क)

20 जुलाई: श्रावण का द्वितीय सोमवार व्रत, श्रीमहाकाल की सवारी (उज्जैन), मासिक शिवरात्रि व्रत, शब-ए-मिराज (मुस.)

21 जुलाई: भौम व्रत, मंगलागौरी-पूजा, पितृ-श्राद्ध की अमावस्या, आदि अमावस्या (दक्षिण भारत), पाक्षिक प्रतिक्रमण (श्वेत. जैन)

22 जुलाई: स्नान-दान की हरियाली अमावस्या, स्वामी अखण्डानंद जयंती, सूर्य सायन सिंह राशि में रात्रि 10.06 बजे, सूर्यग्रहण-दिल्ली में प्रात: 5.37 बजे सूर्योदय हो जाने से प्रात: 7.25 बजे तक दिखेगा, सूर्यग्रहण का सूतक 9 घंटे पूर्व प्रारंभ होगा, करिदिन, नक्तव्रत प्रारम्भ

23 जुलाई: नवीन चन्द्र-दर्शन, झूलनोत्सव (दोलोत्सव) शुरू, स्वामी करपात्री जयंती, चन्द्रशेखर आजाद जन्मदिवस, लोकमान्य तिलक जयंती

24 जुलाई: हरियाली तीज (छोटी तीज), मधुस्त्रवा तृतीया व्रत (मिथिलांचल), स्वर्णगौरी तृतीया, श्रीबाँकेबिहारी का स्वर्ण हिंडोले में दर्शन (ब्रज)

25 जुलाई: वरदविनायक चतुर्थी व्रत, दूर्वागणपति व्रत, श्रमणतप प्रारंभ (जैन), शनि की शांति हेतु पीपल के नीचे हनुमानजी का पूजन

26 जुलाई: नागपंचमी, तक्षक पूजा, गुडिया पर्व, श्रीहनुमद्ध्वजारोहण, श्रीनागचन्द्रेश्वर-दर्शन (उज्जैन), ऋग्वेदियों का उपाकर्म, गोगो थधो (सिन्धी), कल्कि अवतार षष्ठी, मासघर (श्वेत. जैन), रवि व्रत (दिग. जैन)

27 जुलाई: श्रावण का तृतीय सोमवार व्रत, श्रीमहाकाल की सवारी (उज्जैन)

28 जुलाई: शीतला सप्तमी (मिथिलांचल), नढी थीधडी (सिन्धी), गोस्वामी तुलसीदास जयन्ती, भौम व्रत, मंगलागौरी-पूजा, मोक्ष सप्तमी (दिग. जैन), मुकुट सप्तमी, वैधृति महापात देर रात 2.26 से

29 जुलाई: श्रीदुर्गाष्टमी, श्रीअन्नपूर्णाष्टमी व्रत, मेला नयनादेवी-चिन्तपूर्णी-चामुण्डा देवी, बुधाष्टमी व्रत (सूर्यग्रहणतुल्य), वैधृति महापात प्रात: 8.04 तक

30 जुलाई: नकुल नवमी, बगीचा नौमी, Tishabeab (Jewish)

31 जुलाई: वरदलक्ष्मी व्रत, कलश दशमी, अक्षय दशमी (जैन)

Tuesday, June 2, 2009

सामग्री : समान आकार के आलू 250 ग्राम, नमक, जैतून का तेल, मक्‍खन, काली मि‍र्च। वि‍धि ‍: आलू में दो-चार बार छुरी मारकर छेद कर दें। एक ट्रे में नमक बुरकें। अपने हाथों पर जैतून का तेल लगाएँ आलुओं पर यह तेल लगाएँ और फि‍र उस पर नमक लपेटें। अब इसे माइक्रोवेव अवन में बेक करें। अब इस पर मक्‍खन और काली मि‍र्च पावडर बुरका कर सर्व करें।
ब्रह्माण्ड का जो भी स्वरूप है वही ब्रह्म का रूप या शरीर है । वह अनादि है, अनन्त है । जैसे प्राण का शरीर में निवास है वैसे ही ब्रह्म का अपने शरीर या ब्रह्माण्ड में निवास है । वह कण-कण में व्याप्त है, अक्षर है, अविनाशी है, अगम है, अगोचर है, शाश्वत है । ब्रह्म के प्रकट होने के चार स्तर हैं - ब्रह्म, ईश्वर, हिरण्यगर्भ एवं विराट (विराज) । भौतिक संसार विराट है, बुद्धि का संसार हिरण्यगर्भ है, मन का संसार ईश्वर है तथा सर्वव्यापी चेतना का संसार ब्रह्म है । ‘सत्यं ज्ञानमनन्तं ब्रह्म’ अर्थात् ब्रह्म सत्य और अनन्त ज्ञान-स्वरूप है । इस विश्वातीत रूप में वह उपाधियों से रहित होकर निर्गुण ब्रह्म या परब्रह्म कहलाता है । जब हम जगत् को सत्य मानकर ब्रह्म को सृष्टिकर्ता, पालक, संहारक, सर्वज्ञ आदि औपाधिक गुणों से संबोधित करते हैं तो वह सगुण ब्रह्म या ईश्वर कहलाता है । इसी विश्वगत रूप में वह उपास्य है । ब्रह्म के व्यक्त स्वरूप (माया या सृष्टि) में बीजावस्था को हिरण्यगर्भ (सूत्रात्मा) कहते हैं । आधार ब्रह्म के इस रूप का अर्थ है सकल सूक्ष्म विषयों की समष्टि । जब माया स्थूल रूप में अर्थात् दृश्यमान विषयों में अभिव्यक्त होती है तब आधार ब्रह्म वैश्वानर या विराट कहलाता है ।